छींक अधिक आती हैं तो अपनाइए ये आसान नुस्खे

छींक आना ( Sneezing)

छींक आना असल में प्रकृति का सफाई करने का एक तरीका है। इस प्रक्रिया में नाक में घुसने वाले बाहरी कणों की सफाई की जाती है। आँख झपकने या साँस लेने की प्रक्रिया जिस तरह अपने आप चलती रहती हैं पर हम चाहें तो कुछ समय  के लिए इन पर कंट्रोल कर सकते हैं। उसी प्रकार छीक की क्रिया भी अपने आप होती है पर कुछ हद तक इस पर कंट्रोल कर सकते हैं। छीक आने की प्रक्रिया में पीछे की तरफ जीभ कुछ इस प्रकार ऊँची हो जाती है कि फेफड़ों से निकलने वाली हवा मुँह से नहीं निकलती बल्कि नाक से निकलती है।

कारण –  Cause Of Sneeze

छींक आने के कई कारण हो सकते हैं ।  जब नाक में किसी कारण से सरसराहट सी पैदा होती है तो छीक आने लगती है। किसी अन्य कारण से दिमाग को इस प्रकार के संकेत जाने पर भी छींक आ सकती है। कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं :

  • नाक में बाहरी कण जैसे – धूल के कण, पराग कण  या पशु की रुसी आदि जाने से छींक आने लगती है।
  • तापमान में अचानक आने वाली ठंडक छीक ला सकती है , ठंडी हवा लगने से छीक आ सकती है।
  •  सर्दी जुकाम नाक की झिल्ली में सूजन लाकर नाक को ज्यादा संवेदनशील बना देता है। इसलिए छींक ज्यादा आती है।
  • नाक बहने या नाक बंद होने के कारण भी छींक आ सकती है।
  • वायरल इन्फेक्शन होने पर भी छींकें आती हैं।
  • एलर्जी के कारण भी यह हो सकता है।
  • किसी किसी को विशेष कारण जैसे किसी गंध , पेड़ पौधे या पशु से एलर्जी होने के कारण छींक आनी शुरू हो जाती है।
  • एकदम से चमकीली रोशनी में आने पर या सूरज की तरफ देखने पर भी छींक आने लगती है।
  • किसी-किसी को एक अजीब सी समस्या होती है उन्हें खाना खाने के बाद पेट भरने का संकेत के रूप में छींक आनी शुरू हो जाती हैं।

आइये जानते है क्या है वे उपाय जिनके द्वारा बार-बार छींक आने की समस्या से निजात पाई जा सकती है.

पिपरमेंट का तेल :-

अगर आपको बार-बार छींक आने की समस्या है तो आप इससे निजात पाने के लिए पिपरमेंट का तेल प्रयोग कर सकते हैं ।

इसमें पाये जाने वाले Anti Bacterial  गन आपकी समस्या को जड़ से ख़त्म करने में मदद करेंगे ।

इसके लिए किसी बड़े बर्तन में पानी उबाल लें, अब इसमें 5 बूंद पिपरमेंट तेल डालें ।

किसी तौलिये की मदद से अपने सर को ढक लें और इस पानी की भाँप लें ।

यकीन मानिए इस उपचार से आपको छींक आने की समस्या में आराम मिलेगा ।

सौंफ की चाय :-

छींक के साथ-साथ श्वास संबंधी अन्य समस्यायों में भी फायदेमंद मानी जाती है सौंफ ।

प्रकृति की इस देन में भी कई एंटीबायोटिक और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते है जो आपकी समस्या को ठीक करने में मदद करते है ।

बार-बार छींक आने की समस्या में इसका प्रयोग करने के लिए एक कप पानी को उबालकर उसमे दो चम्मच सौंफ पीसकर डालें ।

लगभग 10 मिनट तक पानी को ढक कर रखे और बाद में छानकर पी लें । इस का सेवन दिन में दो बार करें ।

आपकी समस्या चुटकियो में हल हो जाएगी ।

काली मिर्च

ये केवल दिखने में ही अजीब होती है लेकिन स्वास्थ्य के प्रति इसके फायदों को जानकर आप हैरान हो जायेंगे ।

आपके खाने को स्वादिष्ट बनने वाली काली मिर्च आपकी बिमारियों को ठीक करने में भी सक्षम है ।

यदि आप भी बार-बार छींक आने की समस्या से ग्रसित है तो गुनगुने पानी में आधा चम्मच काली मिर्च डालकर उसे मिला लें ।

अब इस मिश्रण को दिन में कम से कम दो से तीन बार पियें. आप चाहे तो काली मिर्च के पाउडर को पानी में उबालकर गरारे भी कर सकते है ।

अदरक :-

न केवल छींक बल्कि सर्दी जुखाम और खासी की समस्या में भी ये एक अच्छा उपाय है विशेषकर नाक से सम्बंधित समस्याएं. यदि आपको भी छींक बहुत परेशान करती है तो एक कप पानी में थोड़ा सा अदरक डालकर उबाल लें. हल्का गुनगुना रह जाने पर इसमें शहद मिलाकर पियें. आप चाहे तो कच्ची अदरक या अदरक की चाय भी ले सकते हैं ।

लहसुन :-

लहसुन में पाए जाने वाले एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण न केवल आपको श्वास संबंधी बिमारियों से बचाते है अपितु उसे ठीक करने में भी मदद करते है ।

इसके अलावा श्वास संबंधी संक्रमण होने पर भी ये बहुत लाभकारी होता है.

यदि आपको भी बहुत छींके आती है तो लहुसन आपकी इस समस्या को हल करने में आपकी मदद कर सकता है.

इसके लिए पाँच से छह लहसुन की कलियों को पीसकर उनका पेस्ट बना लें और उन्हें सूंघे. इसके साथ ही दाल और सब्जी बनाने में भी लहसुन का प्रयोग करें ।

अजवाइन :-

अजवाइन की पत्तियों के तेल में बैक्टीरिया और विषाणुओ से लड़ने की तेज़ क्षमता पायी जाती है. इसके साथ ही ये एलर्जी को ठीक करने में भी बेहद मददगार उपाय है.

इसके लिए अजवाइन के तेल की दो से तीन बूंद का रोजाना इस्तेमाल करें. समस्या में आराम मिलेगा.

मैथी के बीज :-

मेथी में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल गुण आपकी लगातार छींको का उपचार करने में मददगार हो सकते है. क्योकि ये छींक का उपचार कर श्लेष्मा झिल्ली को शांत करता है.

इसके लिए पानी में दो चम्मच मेथी दाने मिलाकर उसे उबाले. अब इस मिश्रण का सेवन करें.

समस्या ठीक न होने तक दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करते रहे फ़ायदा मिलेगा.

कैमोमाइल चाय :-

एलर्जी की समस्या को ठीक करने के लिए कैमोमाइल चाय एक अच्छा उपाय है. इसमें मौजूद एंटी हिस्टामाइन गुण छींक की समस्या में आराम देने में सहायता करता है.

इसके लिए उबलते हुए पानी में एक चम्मच कैमोमाइल के सूखे फूल को मिलाएं और कुछ देर तक उबलने दे. अब इसमें एक चम्मच गाढ़ा शहद मिलाएं. इसके बाद पानी को निकाल लें और दिन में दो बार इसका सेवन करें.

chamomile-tea

हरे धनिया के पत्ते और सफेद चन्दन का बुरादा –

हरे धनिया के पत्ते और सफेद चन्दन का बुरादा दोनों को पीसकर सुंघाने से अधिक छींकों का आना बन्द हो जाता है। दोनों को पीसकर सुंघाने से अधिक छींकों का आना बन्द हो जाता है।

ये भी पढ़ें :-

सर्दी में जुखाम खांसी गले में खराश ठीक करने के घरेलू उपाय

Leave a Reply

%d bloggers like this: